My View's
Saturday, August 15, 2009
तराने मेरे
उठी कलम ,तराने बने
मेरी जिंदगी के कुछ अन छुए फ़साने बने
कभी आपके आँखों के दीवाने बने
कभी आपके जुल्फों के सिहराने मरे
हम तो आपकी मुस्कुराहट के कायल हुए
अब भी तो समझो ना आप
हम आपसे ही इतने घायल हुए ...........
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