इन अंधेरो में
रौशनी ढूंढ़ता हूँ
आपनी जिंदगी के लिए एक राह ढूंढ़ता हुँ
प्यार से गुजरे वो पल ढूंढ़ता हुँ
अपनों के बनाये वो शीश- महल ढूंढ़ता हुँ
में अपने आप में
एक हँसती हुई सकल ढूंढ़ता हुँ
कुछ अच्छा हो मेरे साथ
मैं ये सपना हर पल ढूंढ़ता हुँ
सब है मेरे साथ
फिर भी मैं सबको ढूंढ़ता हुँ
सब कुछ है मेरे पास
फिर भी पता नही मैं क्या ढूंढ़ता हुँ
महफिलों में बैठ कर भी
मैं खुशी के चार पल ढूंढ़ता हुँ
शब्दों ने लिया रोक वरना
मैं ख़ुद के लिए मौत ढूंढ़ता हुँ
सार सारे साथ मेरे
फिर भी मैं आपने लिए सारांश ढूंढ़ता हुँ !!!!!!!
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