कहाँ है वो मेरा प्यार
कहाँ है वो उसका साथ
क्यूँ मैं अपनों में बेगाना हो गया
क्यूँ मैं बिलकुल तनहा अकेला हो गया
एक अपना सपना था
एक अपना जो मेरा अपना था
आज पता नहीं गया कहाँ
क्यूँ हुई है जुदा यूँ राहे
की राहों पर एक अकेला हूँ
साथी तेरा साथ नहीं
अंशु है पर हाथ नहीं
cahat है पर वो baat नहीं
क्यूँ tum mujhse ruthi हो
क्यूँ begano si baithi हो
क्यूँ tum itna बदल gayi
क्यूँ meri jarurat aab नहीं rahi
kal kya tmhari zindgi नहीं thi
kal to सब कुछ hota था
आज magar वो baat नहीं है
tmhe kya aisa lagta है
मैं tumhare साथ नहीं
tumhari safalta में mujhe khushi नहीं है
kher jaisi bhi हो
meri हो
mujhe tumhari jarurat है
प्यार मेरा kaam na hua है
पर dil k tukde huye h
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