ना जाने क्या खो आया हूँ
अब तो जा रहे उन लेहरो से
आपका पता ढूंढ़ता हूँ
पहुंच जाऊ आपके पास
वो खोया सा रास्ता ढूंढ़ता हूँ
इस भीड़ भरी दुनिया में
आप हो कहाँ बस यही ढूंढ़ता हूँ
न जाने क्यों ढूंढ़ता हूँ
रेत पर लिखे नाम को
समंदर के लहरों के बाद ढूंढ़ता हूँ
ना जाने क्या ढूंढ़ता हूँ
टूट के बिखर गया हूँ ऐसा की
परछाइयों में खुद के होने का मक़ाम ढूंढ़ता हूँ
न जाने कहाँ से आये आप
और बिखर गया वो सैलाब ||
अब तो जा रहे उन लेहरो से
आपका पता ढूंढ़ता हूँ
पहुंच जाऊ आपके पास
वो खोया सा रास्ता ढूंढ़ता हूँ
इस भीड़ भरी दुनिया में
आप हो कहाँ बस यही ढूंढ़ता हूँ
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